जाफना का सबसे महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर, एक सुनहरा, पांच-स्तरीय द्रविड़ गोपुरम परिसर, जो युद्ध देवता मुरुगन को समर्पित है।
सिंहावलोकन
नल्लूर कंडास्वामी कोविल जाफना का आध्यात्मिक हृदय है और श्रीलंका में सबसे महत्वपूर्ण हिंदू मंदिरों में से एक है, जो भगवान मुरुगन (स्कंद/कंडास्वामी) को समर्पित है। इसके गेरू और सोने के गोपुरम टॉवर, स्तंभ वाले हॉल, पवित्र तालाब और सुनहरे मेहराब भक्तों के निरंतर प्रवाह को आकर्षित करते हैं, और दैनिक पूजाएं परिसर को ढोल, कपूर के धुएं और मंत्रोच्चार से भर देती हैं। यह मंदिर प्रत्येक अगस्त में एक शानदार 25-दिवसीय उत्सव का केंद्र होता है, जिसमें रथ जुलूस और भक्त तपस्या करते हैं।
इतिहास
The present temple was established in 1749, though earlier shrines on the site date back to the Jaffna Kingdom before they were destroyed by the Portuguese in the 17th century. It has grown over the centuries into the grandest kovil in the north and the ceremonial centre of Jaffna Tamil Hindu life.
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